रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार रक्षा बलों के आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आज आकाशवाणी से सैनिकों को संबोधित करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी पहल से पिछले 12 वर्ष में रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र और निर्यातक के रूप में उभरते हुए अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति प्रभावी ढ़ंग से कर रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन वित्तीय वर्ष 2014 में केवल 46 हजार करोड़ रुपये था जो 2025-26 में बढ़कर एक लाख 78 हजार करोड़ रुपये हो गया है, यानि एक दशक में लगभग चौगुनी वृद्धि। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में संरचनागत परिवर्तनों का प्रमाण है। रक्षा बजट वित्तीय वर्ष 2013-14 के दो लाख 53 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में सात लाख 85 हजार करोड़ रुपये हो गया है। यह भविष्य की रक्षा प्रौद्योगिकी के प्रति देश की बढ़ती प्रतिबद्धता दर्शाता है।
रक्षा मंत्री ने सीमा क्षेत्र विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ सम्पर्क बढ़ाना और रक्षा तैयारियां मजबूत करना है। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और बचाव कार्यों के लिए रक्षा बलों की सराहना की।
श्री राजनाथ सिंह ने सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मान और गरिमा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के लिए अंशदायी स्वास्थ्य योजना के बजट में पिछले वर्ष में 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रक्षा मंत्री ने रक्षा बलों में महिलाओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने और राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता भी रेखांकित की।