भारत ने आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में 85 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। दो सप्ताह से अधिक समय तक चले इन खेलों का कल समापन हुआ।
भारत के अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी में पुरुष और महिला दोनों टीमों का स्वर्ण पदक जीतना रहा।
क्रिकेट में भारत ने दोनों खिताब बरकरार रखे। महिला टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराया, जबकि पुरुष टीम ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदकों की दोहरी सफलता हासिल की।
कबड्डी में भी भारत ने दोनों स्वर्ण पदक जीते। महिला टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा, जबकि पुरुष टीम ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए ईरान को 40-34 से हराया।
हॉकी में भी भारत ने दोनों स्वर्ण पदक अपने नाम किए। भारतीय महिला टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में पदक जीता। निर्णायक गोल 10वें मिनट में लालरेम-सिआमी ने किया। यह 1982 के बाद एशियाई खेलों में महिला हॉकी में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।
पुरुष टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। यह भारत का एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी का 5वां स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में स्वर्ण जीता था। पहली बार भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। दोनों टीमों ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया।
तीरंदाजी में भारत ने 9 पदक जीते, जिनमें 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं। मुक्केबाजी में भारत का यह एशियाई खेलों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा, जिसमें 3 स्वर्ण और 3 कांस्य पदक मिले।
भारतीय पहलवानों ने 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 6 पदक जीते। यह 1962 के जकार्ता एशियाई खेलों के बाद कुश्ती में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।