मई 26, 2026 1:53 अपराह्न

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भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमरीका ने कानून के शासन और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की

भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमरीका ने कानून के शासन, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि क्वाड देशों ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और राजनयिक प्रयासों के लिए समर्थन की पुष्टि करते हुए क्षेत्र में स्थायी शांति की आशा व्यक्त की। उन्होंने नौवहन अधिकारों और स्वतंत्रता तथा होर्मुज जल-डमरू-मध्य और लाल सागर के माध्यम से वैश्विक वाणिज्य के सुरक्षित और निर्बाध संचालन के संबंध में संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन – यू एन सी एल ओ एस में परिलक्षित अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के महत्व को दोहराया। विदेश मंत्रियों ने वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की और शुल्‍क लगाने सहित यू एन सी एल ओ एस के विरूद्ध भविष्य के किसी भी कदम का विरोध किया।

क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे परे आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकियों और विश्वसनीय साझेदारियों की अपार क्षमता को स्‍वीकार किया। उन्होंने यथास्थिति को बदलने के उद्देश्य से की जाने वाली किसी भी अस्थिर या एकतरफा कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। इसमें बल प्रयोग या दबाव का प्रयोग भी शामिल है, जिससे तनाव बढ़ता है और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता कमजोर होती है।

क्वाड देशों ने कहा कि प्रमुख समुद्री क्षेत्रों में हो रहे घटनाक्रमों ने महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की संवेदनशीलता और निर्बाध व्यापार प्रवाह के लिए उत्पन्न जोखिमों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि इनका हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि समुद्री परिवहन और आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान का वैश्विक ईंधन, खाद्य और उर्वरक सुरक्षा के साथ-साथ नाविकों की सुरक्षा पर भी दूरगामी प्रभाव पड़ता है।

सदस्‍य देशों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में व्यवधान के समय एक-दूसरे की ऊर्जा सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।