केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने सितंबर महीने में दवाओं के 330 नमूनों को गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं पाया है। संगठन के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं में 42 नमूने, जबकि राज्य की औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में 288 नमूने तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। संगठन ने स्पष्ट किया कि इन नमूनों में एक या अधिक गुणवत्ता मानकों की कमी पाई गई है।
यह जांच केवल उन दवाओं के नमूनों तक सीमित है, जिनकी जांच सरकारी प्रयोगशालाओं में की गई है। संगठन ने कहा कि घटिया और नकली दवाओं की पहचान के लिए राज्य के औषधि नियामकों के साथ नियमित रूप से जांच की जाती है। इसका उद्देश्य ऐसी दवाओं को बाजार से हटाना है।