हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि राज्य सरकार ‘हिमकेयर’ योजना को बदनाम करने के लिए झूठी जांच करवा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के भ्रष्टाचार-विरोधी विभाग ने हिमाचल में नकली दवा रैकेट और जीएसटी चोरी के गंभीर मामले की जांच करने में असमर्थता प्रकट की है।
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या एजेंसी वाकई जांच करने में असमर्थ है या सरकार का इस मामले की जांच करने का कोई इरादा ही नहीं है?
श्री ठाकुर ने बताया कि एक दवा निर्माता कंपनी पर नकली दवाएं बेचने और जीएसटी से बचने के लिए रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का आरोप लगा है। बाद में न्यायालय में दिए गए आवेदन में 27 से 28 टन कच्चे माल की अवैध आपूर्ति और जीएसटी चोरी के आरोप सामने आए, जिसके बाद इस मामले की भी विस्तृत जांच की मांग की गई।
विपक्ष के नेता ने कहा कि राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो ने पहली जुलाई, 2026 के एक पत्र में इस मामले की जांच करने में असमर्थता व्यक्त की थी।