केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के अहमदाबाद में राज्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की। एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने सीमा और तटीय सुरक्षा, मादक पदार्थों पर नियंत्रण, साइबर अपराध और आपदा प्रबंधन जैसे प्रमुख मुद्दों पर हुई प्रगति की समीक्षा भी की। इस समीक्षा बैठक में नागरिकता संशोधन अधिनियम, आगामी जनगणना और अग्निवीर योजना जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
श्री शाह ने दिवाली से पहले गुजरात में कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा की स्थिति का भी आकलन किया। बैठक में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और केंद्रीय गृह मंत्रालय, राज्य गृह विभाग तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय गृह मंत्री ने नशीली दवाओं के खतरे से निपटने की तात्कालिकता पर बल देते हुए, अधिकारियों से 2029 तक ‘नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने व्यापक सामाजिक जागरूकता, मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गहन अभियानों के समन्वय हेतु नशीली दवा विरोधी हेल्पलाइन 1933 के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में केंद्रीय गृह विभाग ने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इसके जवाब में, केंद्रीय गृह मंत्री ने सूखे की स्थिति, किसानों के मुद्दों और सीमावर्ती जिलों की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आवश्यक सुझाव दिए। चर्चा में लोक अभियोजन प्रणाली को मजबूत करने, तकनीकी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने और त्वरित कार्यवाही के लिए शाम की अदालतों यानि इवनिंग कोर्ट्स की स्थापना पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
राज्य के मुख्य सचिव मनोजकुमार दास ने श्री शाह को पिछली बैठकों के निर्देशों के कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी। वहीं, पुलिस महानिदेशक जी.एस. मलिक ने घुसपैठ विरोधी अभियानों और डिजिटल गिरफ्तारियों और साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई सहित राज्य पुलिस बल के हालिया अभियानों का विस्तृत विवरण केंद्रीय गृह मंत्री को दिया।