सितम्बर 30, 2026 1:51 अपराह्न | investment partnerships with India

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भारत-कतर व्यापार और निवेश संबंध मजबूत करने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने दिया जोर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कतर के व्‍यापारिक संघ से भारत में व्यापार और निवेश में साझेदारी की संभावनाओं को सक्रिय रूप से तलाशने और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की अपील की। बातचीत के दौरान, वित्त मंत्री ने दोनों देशों में उभरते आर्थिक अवसरों पर चर्चा की।

    दोहा में कतर व्‍यापारिक संघ की बिजनेस राउंडटेबल बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, बढ़ते निवेश और वित्त वर्ष 2025-26 में 94 अरब 50 करोड़ डॉलर से अधिक के रिकॉर्ड सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का उल्लेख किया। उन्होंने जापान क्रेडिट रेटिंग द्वारा हाल ही में भारत की दीर्घकालिक रेटिंग बढ़ाए जाने का भी उल्लेख किया।

    इससे पहले, वित्त मंत्री ने कतर के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. अहमद बिन मोहम्मद अल-सईद से मुलाकात की। डॉ. अल-सईद ने 2025 में अपनी भारत यात्रा का स्‍मरण किया और कहा कि भारत में कई बुनियादी ढांचा क्षेत्र जैसे पोर्ट, एयरपोर्ट, हाईवे और बिजली में निवेश की बहुत गुंजाइश है। साथ ही, भारतीय कंपनियों के लिए कतर में फूड सिक्योरिटी, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्रों में निवेश के मौके हैं।

    वित्त मंत्री ने कहा कि भारत कतर के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने को बहुत महत्व देता है, और उन्होंने “फरवरी 2025 में कतर के अमीर की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने” का भी जिक्र किया। उन्होंने रिश्तों को रणनीतिक आयाम देने के लिए व्यापार और निवेश को महत्‍वपूर्ण आधार बताया।

    वित्त मंत्री ने भारत और कतर तथा अन्य खाड़ी देशों के बीच सामान्य व्यापार को फिर से शुरू करने के महत्व पर जोर दिया, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से बिना किसी रुकावट के समुद्री आवाजाही और व्यापार शामिल है।

    दोनों पक्षों ने कतर की 10 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता को लागू करने, भारत में कतर निवेश प्राधिकरण का कार्यालय स्थापित करने और द्विपक्षीय निवेश संधि तथा मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत में तेजी लाने पर भी चर्चा की।