पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की गई। बैठक में श्री यादव ने दिल्ली के 37 चिन्हित प्रदूषण स्थलों पर 10 अक्टूबर तक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित करने और संबंधित पक्षों को शामिल करने पर बल दिया। दिल्ली सरकार ने पहली नवंबर से 31 जनवरी तक तोड़फोड़ और निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की है।
श्रीमती गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने श्मशान घाटों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए तकनीकी उपाय तलाशने और विद्युत शवदाह गृहों के बारे में लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी इन सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कार्ययोजना के अंतर्गत दिल्ली के 500 पेट्रोल पंप पर पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं, तो ईंधन नहीं व्यवस्था लागू की जाएगी, जहां स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली उपलब्ध है। इसके लिए जागरूकता अभियान और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक अभियान के माध्यम से दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप को बढ़ावा दिया जाएगा और परिवहन सुविधा बेहतर की जाएगी। धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सड़कों के पुनर्विकास और फुटपाथ निर्माण का काम तेज किया जाएगा। खुले में कचरा जलाने पर रोक लगाने के लिए सफाई, बेहतर कचरा प्रबंधन और वार्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। वृक्षारोपण कार्य में तेजी लाई जाएगी और मलबा ऐप पर पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।
सर्दियों की कार्ययोजना के तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर रोक, अधिक पार्किंग शुल्क, कार्यालयों के समय में बदलाव और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 और परिवर्तन योजना को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण अभियान और जनभागीदारी शिविर आयोजित किए जाएंगे।