दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज इस महीने के दौरान मनाये जा रहे बाल संरक्षण माह के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों, अभियानों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। इस दौरान श्री संधू ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि पॉक्सो एक्ट 2012 के अंतर्गत दर्ज सभी मामलों में संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल के साथ त्वरित और पूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित उपायों को सिर्फ बाल संरक्षण माह के दौरान ही नही, बल्कि हमेशा प्राथमिकता के तौर पर लागू किया जाए। बैठक के दौरान श्री संधू ने पहली बार अपराध करने वाले किशोरों की काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने इस महीने के अंत तक दिल्ली के सभी साढ़े पांच हजार से अधिक विद्यालयों में बाल संरक्षण समितियों का गठन करने के निर्देश दिए।
वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुरक्षित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ये प्रयास केवल एक मां तक सीमित न रहकर सभी संस्थानों की नियमित कार्य प्रणाली का हिस्सा बने। जिससे हर बच्चे को सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण मिल सके। बैठक के दौरान श्रीमती गुप्ता ने निर्देश दिए कि जुलाई माह के भीतर सभी विद्यालयों में मुख्य प्रशिक्षकों और अन्य प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण पूरा किया जाए।