दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा है कि भारत का नदियों के साथ संबंध हजारों वर्ष पुराना है। देश के शहर, सभ्यताएं, साहित्य, संगीत, कला और परंपराएं नदियों से गहराई से जुड़ी रही हैं। श्री संधू ने कल नई दिल्ली में सातवें नदी उत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि यमुना का पुनरुद्धार केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे एक सांस्कृतिक अभियान के रूप में भी आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए लगातार सरकारी प्रयास, जन-जागरूकता और नदी के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को फिर से मजबूत करने की जरूरत है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा आयोजित इस नदी उत्सव में इस बार यमुना के विभिन्न पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इनमें यमुना का इतिहास, संस्कृति, पर्यावरण, जैव विविधता, जीवंत विरासत और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन शामिल हैं।
नदी उत्सव के तहत, छह प्रदर्शनियाँ इस महीने की 30 तारीख तक रोज़ाना सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शकों के लिए खुली रहेंगी। इन प्रदर्शनियों के ज़रिए, दर्शकों को नदी, संस्कृति, यादों, पर्यावरण और जीवित परंपराओं जैसे अलग-अलग संदर्भों के माध्यम से यमुना को जानने का मौका मिलेगा।