अक्टूबर 21, 2026 8:58 अपराह्न

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दिल्ली: पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने नो पीयूसीसी, नो फ्यूल नियम का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया हैं कि जनभागीदारी और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप, कोविड काल को छोड़कर, पिछले एक दशक में राजधानी में सर्वाधिक 214 दिन साफ हवा के दिन दर्ज किए गए है। यह बात श्री सिरसा ने नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मलेन के दौरान कही। श्री सिरसा ने बताया कि नीति आयोग और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लगभग 30 विभाग 11-सूत्रीय प्रदूषण नियंत्रण योजना के अंतर्गत  काम कर रही है।

पर्यावरण मंत्री ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के यात्रा न करे।  श्री सिरसा ने दिल्ली के सभी ईंधन स्टेशनों को नो पीयूसीसी, नो फ्यूल नियम का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना वाहनों को ईंधन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।

श्री सिरसा ने बताया कि सरकार की घोषित कार्ययोजना के अनुसार, पहली नवंबर से दिल्ली के बाहर से आने वाले बीएस-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध का प्रावधान है। इसमें निर्धारित श्रेणियों के वाहनों और आवश्यक सेवाओं को नियमानुसार छूट दी जाएगी। इसके आलावा, श्री सिरसा ने कहा कि में पहली नवंबर से 31 जनवरी तक बाहरी निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर प्रस्तावित रोक, खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध, निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क में वृद्धि तथा कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसे उपाय भी सरकार की कार्ययोजना में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ यातायात प्रबंधन, धूल नियंत्रण, औद्योगिक उत्सर्जन पर निगरानी और हरित क्षेत्र के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दे रही है।