दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी ने कल मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 को लेकर बैठक की। बैठक में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि तथा इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी और समावेशी होगी, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे।
कार्यालय ने बताया कि जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके नाम और नोटिस जारी करने के कारण सार्वजनिक किए गए हैं। नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम सूची से हटा दिया जाएगा। मतदाताओं को नोटिस का जवाब देने और दावे-आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अगले महीने की 29 तारीख तक का समय दिया गया है।
सुनवाई में सुविधा के लिए सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों की संख्या बढ़ाई जा रही है और विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना और उचित आदेश जारी करना अनिवार्य है।