सितम्बर 20, 2026 9:56 अपराह्न

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जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हाल की प्राकृतिक आपदाओं से स्पष्ट है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है। नई दिल्ली में पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता के भविष्य पर आयोजित सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय जलवायु जोखिम को लेकर गंभीर चेतावनी दे रहा है। उन्होंने स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका पर भी पड़ रहा है। जैव विविधता में कमी, जल संकट और भूमि क्षरण इसके प्रमुख उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि जल संकट वाले क्षेत्रों में जल-संरक्षण इकाइयाँ स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रभावी नीतियों के साथ प्रभावित समुदायों की भागीदारी भी जरूरी है। साथ ही, ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, छोटे किसानों, महिलाओं और अन्य कमजोर वर्गों की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि स्थानीय और पारंपरिक ज्ञान जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सतत वनीकरण को भी जलवायु लचीलापन बढ़ाने का प्रभावी उपाय बताया। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को विकास की गति बनाए रखते हुए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता बढ़ानी होगी। जलवायु संबंधी कदम देश की विकास जरूरतों और आर्थिक लक्ष्यों के अनुरूप होने चाहिए।

राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण में आम लोगों और युवाओं की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन लाइफ के जरिए जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है। राष्ट्रपति ने पर्यावरण संबंधी मामलों में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि न्यायाधिकरण ने बड़ी संख्या में मामलों का तेजी से निपटारा किया है और नदियों, वायु गुणवत्ता तथा कचरा प्रबंधन के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।