केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राष्ट्रीय जहाज निर्माण मिशन के तहत देश के जहाज निर्माण उद्योग को सहायता देने के लिए दो विशेष ऋण जोखिम बीमा योजनाओं की घोषणा की है।
श्री सोनोवाल ने मुंबई में 21वीं समुद्री राज्य विकास परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जहाज निर्माण परियोजना ऋण जोखिम बीमा पॉलिसी निर्यात परियोजनाओं, जबकि बिजनेस क्रेडिट शील्ड पॉलिसी घरेलू परियोजनाओं को सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि जहाज निर्माण एक बड़ा और कई वर्षों तक चलने वाला कार्य है।
इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार बीमा प्रीमियम पर सब्सिडी देगी और बीमा दावों की स्थिति में बीमा कंपनियों को प्रत्यक्ष सहायता भी प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जहाज निर्माण कंपनियों को भुगतान में देरी और वैश्विक बाजार में अचानक होने वाले बदलावों की चिंता से मुक्त रखना है, ताकि वे विश्वस्तरीय जहाजों के निर्माण पर ध्यान दे सकें।
व्यापार को सुगम बनाने के लिए परिषद ने सभी बंदरगाहों को मार्च 2027 तक समुद्री एकल खिड़की प्रणाली ‘एमएसडब्ल्यू सागर सेतु’ से जोड़ने का निर्णय लिया है। इससे देशभर में डिजिटल प्रक्रियाओं को एकीकृत किया जा सकेगा।
श्री सोनोवाल ने ‘एक राष्ट्र, एक बंदरगाह प्रक्रिया’ पहल को लागू करने के लिए एक मार्गदर्शिका भी जारी की। परिषद ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बंदरगाह शुल्कों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रकाशित करना अनिवार्य कर दिया है।