छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि महानदी जल विवाद को बातचीत के माध्यम से शीघ्र ही सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विवाद की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं और केंद्र में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सत्ता में है।
वर्ष 2018 से महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल के पास लंबित इस मामले को अब केंद्रीय जल आयोग को सौंप दिया गया है। ओडिशा ने 2016 में छत्तीसगढ़ में नदी के ऊपरी हिस्से में बने बैराजों पर आपत्ति जताई थी। ओडिशा ने आरोप लगाया था कि इससे बिना मानसून वाले मौसम में नदी के निचले हिस्से में पानी का बहाव कम हो जाता है।
हाल के महीनों में दोनों राज्यों ने बातचीत और तकनीकी सलाह-मशविरे के ज़रिए आपसी सहमति से समाधान निकालने की इच्छा जताई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में 30 जुलाई को केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मोहन चरण माझी के बीच एक बैठक आयोजित की थी।