नई दिल्ली में बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक कल दिल्ली घोषणा को अपनाने के साथ संपन्न हुई। दिल्ली घोषणा में बिम्सटेक देशों ने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की।
घोषणा में सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप आतंकवाद तथा हिंसक उग्रवाद को व्यापक और निरंतर प्रयासों के जरिए रोकने, उसका मुकाबला करने और उसे समाप्त करने के अपने संकल्प को दोहराया।
सदस्य देशों ने एक-दूसरे से जुड़े, सुरक्षित, संकटों का सामना करने में सक्षम, विकसित और समृद्ध बिम्सटेक क्षेत्र के निर्माण के लिए क्षेत्रीय सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
देशों ने सदस्य राष्ट्रों में हुए आतंकवादी हमलों के पीड़ितों, उनके परिवारों और प्रभावित देशों की सरकारों के प्रति गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की। साथ ही, आतंकवादी हमलों के दोषियों को संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सजा दिलाने का आह्वान किया।
दिल्ली घोषणा में मानव तस्करी, मादक पदार्थों, नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों और धन शोधन की रोकथाम से जुड़ी कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा, कट्टरपंथ और आतंकवाद का मुकाबला करने में सहयोग से जुड़ी उप-समूह की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने का भी आह्वान किया गया।
घोषणा में आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता से संबंधित बिम्सटेक संधि को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया। इस संधि पर मार्च 2022 में कोलंबो में आयोजित पांचवें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।