सियाचिन दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना और भारतीय सेना ने आज लद्दाख में विश्व के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन की रक्षा करने में अपने जीवन का बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 1984 में आज ही के दिन ऑपरेशन मेघदूत की शुरूआत हुई थी। आज ही के दिन भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना ने उत्तरी लद्दाख क्षेत्र पर वर्चस्व रखने वाली ऊंचाइयों को सुरक्षित करने के लिए सियाचिन ग्लेशियर की ओर कूच किया। इस ऑपरेशन में भारतीय वायु सेना द्वारा भारतीय सैनिकों को एयरलिफ्ट कराकर उन्हें हिमनद की चोटियों पर उतारना शामिल था।
भारतीय वायु सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उसने शौर्य, सहनशीलता और सबसे दुर्गम भूभाग और प्रतिकूल मौसम में परिचालनगत उत्कृष्टता की विरासत को सम्मानित किया है। भारतीय वायु सेना ने कहा कि अत्यधिक ऊंची चोटियों से रणनीतिक एयरलिफ्ट और लॉजिस्टिक समर्थन से लेकर हताहतों को निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भारतीय वायु सेना ने सियाचिन क्षेत्र में परिचालनगत तैयारियों को कायम रखा है। भारतीय सेना की उत्तरी कमान ने सियाचिन की रक्षा करने वाले बलों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय सेना ने बताया कि उत्तरी कमान बर्फीली चोटियों की रक्षा करने वाले प्रत्येक बहादुर सैनिकों के अदम्य साहस और समर्पण को सलाम करता है।