अगस्त 10, 2026 8:54 पूर्वाह्न

printer

भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन की क्षमता में 300 गीगावाट का आंकड़ा पार किया

भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता में 300 गीगावाट का आंकड़ा पार कर लिया है। पिछले महीने की 31 तारीख को हासिल की गई यह ऐतिहासिक उपलब्धि, 2030 के लिए निर्धारित 500 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक वक्‍तव्‍य में कहा कि देश की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता की हिस्सेदारी 54 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि विभिन्न क्षेत्रों के मजबूत योगदान से प्रेरित है।

सौर ऊर्जा प्रमुख विकास इंजन बनी हुई है, जिसकी वर्तमान स्थापित क्षमता लगभग 165 गीगावाट है। यह 2014 में मात्र 2 दशमलव 8 गीगावॉट थी। मंत्रालय ने कहा कि 2025-26 के दौरान देश में जीवाश्म ईंधन-रहित बिजली उत्पादन क्षमता में रिकॉर्ड 55 दशमलव 29 गीगावॉट की वृद्धि हुई, जिसमें सौर ऊर्जा का 44 दशमलव 6 गीगावॉट और पवन ऊर्जा के 6 गीगावॉट का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

मंत्रालय ने इस बात का उल्‍लेख किया कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में हुई तीव्र प्रगति नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में भी परिलक्षित होती है।

यह 2014-15 में लगभग 191 अरब यूनिट से बढ़कर 2025-26 में 477 अरब यूनिट से अधिक हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन अब केवल जलवायु प्रतिबद्धता नहीं रह गई है, बल्कि यह भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा, ऊर्जा स्वतंत्रता और आर्थिक मजबूती को आकार देने के लिए केंद्रीय महत्व रखता है।