वायु सेना प्रमुख, एयर मार्शल एपी सिंह ने कहा है कि वैश्विक संघर्ष के इस दौर में, जब हर देश के पास गोला-बारूद, विमान, परिचालन प्रणाली और सीमित रसद आपूर्ति का भंडार है, आत्मनिर्भरता आज की सबसे बडी आवश्यकता है। 94वें वायु सेना दिवस से पहले नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए काफी प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एआई आज भारतीय वायु सेना के हर क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है।
श्री सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना की अलग से ड्रोन बल बनाने की कोई योजना नहीं है। भारतीय वायु सेना प्रमुख ने कहा कि विभिन्न हथियार प्रणालियों को अलग-अलग संचालित नहीं किया जा सकता है और वांछित परिचालन प्रभाव के लिए उन्हें एकीकृत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ड्रोन भारतीय वायु सेना के लिए कोई क्रांतिकारी आविष्कार नहीं हैं, बल्कि इसके क्रमिक विकास का हिस्सा हैं।