अगस्त 25, 2026 5:35 अपराह्न | Shivraj Singh Chouhan

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कृषि शिक्षा कक्षा में नहीं बल्कि खेतों में, अन्य किसानों के बीच दी जानी चाहिए: शिवराज सिंह चौहान

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि डिग्री कार्यक्रमों के माध्यम से युवा छात्रों को प्रशिक्षित करने के महत्व पर बल दिया है। आज नई दिल्ली में आई.सी.ए.आर. संस्थानों के कुलपतियों और निदेशकों के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए श्री चौहान ने कहा कि कृषि शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता-एआई को शामिल करना समय की मांग है। कृषि शिक्षा के बारे में उन्‍होंने कहा कि ऐसी शिक्षा कक्षा में नहीं बल्कि खेतों में, अन्य किसानों के बीच दी जानी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से आग्रह किया कि वे समय की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप एआई आधारित उपकरणों को शामिल करके अपनी शिक्षण पद्धति में बदलाव लाएं। उन्होंने कुलपतियों से छात्रों के साथ अनौपचारिक संबंध बनाने की अपील की ताकि उनसे सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त किए जा सकें।