विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज कहा कि तीसरा वार्षिक भारत-ऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विदेश सचिव ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि शिखर सम्मेलन में भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने को अंतिम रूप दिया गया। इससे भारत शून्य-कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करने की ओर तेजी से बढ़ सकेगा।
भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम की उच्च स्तरीय बैठक के बाद दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते पर चर्चा की ताकि द्विपक्षीय व्यापार में 55 प्रतिशत की वृद्धि का पूरा लाभ उठाया जा सके। इसके अलावा अति-संवेदनशील और उभरती हुई डिजिटल तकनीकों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया-भारत साझेदारी-एआई पैक्ट्स का संचालन और भारत के ऐतिहासिक गगनयान कार्यक्रम के लिए ऑस्ट्रेलिया का समर्थन भी चर्चा के केन्द्र में रहें।
दोनों देश एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर एक ऐतिहासिक संयुक्त घोषणा और एक एकीकृत समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप पर सहमत हुए। दोनों नेताओं ने आतंकवाद से निपटने और आपदा राहत के लिए एक महत्वपूर्ण तंत्र के रूप में क्वाड के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए भारत के दृढ़ रुख दोहराया।