कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रासंगिक बने रहने के लिए देश भर के प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थानों और शासन संस्थानों को नए सिरे से तैयार करना होगा और रूढ़िवादी मॉडलों को छोड़ना होगा। एक सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी क्षमता निर्माण, दक्षता विकास, प्रौद्योगिकी और लोक सेवा वितरण को जोड़ने वाले एकीकृत एआई-एकीकृत शासन ढांचे की ओर निरंतर अग्रसर है।
डॉ. सिंह ने कहा कि आज के शासन सुधारों के लिए पारदर्शिता, समयबद्धता, प्रक्रियाओं में सुगमता और नवाचार तथा मानवीय संवेदनशीलता द्वारा समर्थित प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। हाल के वर्षों में किए गए शासन सुधारों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली पर प्राप्त वार्षिक शिकायतों की संख्या 2014 में लगभग दो लाख से बढ़कर अब 25 से 30 लाख से अधिक हो गई है। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्रों की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 10 से 11 करोड़ प्रमाण पत्र पहले ही तैयार किए जा चुके हैं। इससे पेंशनभोगियों को व्यक्तिगत रूप से जाए बिना डिजिटल रूप से औपचारिकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।