बी डब्ल्यू एफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप कल से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में शुरू होने जा रही है। पूर्व चैंपियन पीवी सिंधु और भारत की शीर्ष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी इस प्रतियोगिता में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे। 2009 के बाद यह दूसरा मौका है जब भारत इस विश्व प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। 23 अगस्त तक खेली जाने वाली 30वीं बी डब्ल्यू एफ विश्व चैंपियनशिप में दुनिया के शीर्ष खिलाडी भारतीय सरजमीं पर दमखम भरते नजर आएंगे।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु पिछले महीने जापान ओपन का खिताब जीतने के बाद अपनी शानदार फॉर्म को इस टूर्नामेंट में भी बरकरार रखने के इरादे से उतरेंगी। पीवी सिंधु पांच बार वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट रही हैं – जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। महिला सिंगल्स में उन्नति हुड्डा भारत की दूसरी प्रतिनिधि हैं। वहीं, पुरूष सिंगल्स में 2021 में इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने वाले लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी भारतीय चुनौती रखेंगे। आयुष को एक कठिन शुरुआती दौर का मैच मिला है, जहां उनका मुकाबला मौजूदा विश्व विजेता और टॉप सीड चीन के शी युकी से होगा। पुरूष डबल्स की बात की जाए तो एशियाई खेलों के चैंपियन और पांचवीं सीड सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी सिंगापुर बैडमिंटन ओपन वाली अपनी फॉर्म को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे।
हरिहरन अमसाकरुणन और एमआर अर्जुन की जोडी भी भारतीय दल का हिस्सा है। महिला डबल्स में भारत को त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद तथा कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी की जोडी से उम्मीदें होंगी। जबकि मिक्स्ड डबल्स में देश की तीन जोड़ियां हिस्सा लेंगी। जिसमें सबसे अधिक उम्मीद ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो से होंगी। वहीं, रोहन कपूर और रुत्विका गद्दे तथा आशित सूर्या और अमृता प्रमुतेश की जोडी भी भारतीय टीम का हिस्सा है। बी डब्ल्यू एफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत ने अब तक एक स्वर्ण, चार रजत और 10 कांस्य समेत कुल 15 पदक जीते हैं। 2011 के बाद से भारत ने हर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम एक पदक जीता है। ऐसे में अपनी ही सरजमीं पर खेल रहे भारतीय खिलाडियों की उम्मीदें घरेलू दर्शकों के बीच अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर होंगी।