अक्टूबर 27, 2026 4:37 अपराह्न

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इस्राएल में संसदीय चुनाव के लिए मतदान जारी, प्रधानमंत्री बेन्‍यामिन नेतन्याहू को विपक्षी नेताओं से चुनौती

इस्राएल में संसद के चुनाव के लिए मतदान जारी है। इन चुनावों में प्रधानमंत्री बेन्‍यामिन नेतन्याहू को पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइज़ेनकोट और अन्य विपक्षी नेताओं से चुनौती मिल रही है। इस्राएल की संसद नेसेट के 26वें चुनाव में 73 लाख 31 हजार से अधिक मतदाताओं के मताधिकार का इस्तेमाल करने की उम्मीद है। मतदान भारतीय समयानुसार सुबह 09:30 बजे शुरू हुआ और आज रात 12:30 बजे तक चलेगा। मतदान समाप्त होने के कुछ ही समय बाद एग्जिट पोल से चुनाव के संभावित नतीजों के शुरुआती संकेत मिलने की उम्मीद है। मतगणना के बाद अंतिम परिणाम तीस अक्‍टूबर तक आने की संभावना है। परिणामों की औपचारिक घोषणा 4 नवंबर को की जाएगी। 77 वर्षीय नेतन्याहू अलग-अलग कार्यकालों में 19 वर्ष से अधिक समय तक इस्राएल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। वे एक बार फिर सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी नेता राष्ट्रीय सुरक्षा, जवाबदेही और 7 अक्टूबर के हमले से जुड़ी खामियों से निपटने में सरकार की भूमिका को चुनाव प्रचार का प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं।
 
इस्राएल रक्षा बलों के पूर्व प्रमुख और याशर पार्टी के नेता गादी आइज़ेनकोट, नेतन्याहू के प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में से एक हैं। उन्होंने नेतन्याहू के लगातार नेतृत्व को इस्राएल की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उनका कहना है कि जनता का विश्वास बहाल करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार में बदलाव जरूरी है। वहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने संभावित विपक्षी सरकार के राजनीतिक स्वरूप पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की है। उन्होंने अपने विरोधियों को वामपंथ की ओर झुकाव रखने वाला गठबंधन बताया है, जो संसद में बहुमत हासिल करने के लिए अरब पार्टियों पर निर्भर हो सकता है।
 
इस्राएल में आनुपातिक प्रतिनिधित्व की चुनाव प्रणाली है। इसमें मतदाता सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव करने के बजाय राजनीतिक दलों को वोट देते हैं। नेसेट में कुल 120 सीटें हैं। बहुमत के लिए किसी दल या गठबंधन को कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। संसद में प्रवेश के लिए राजनीतिक दलों को देशभर में कुल वैध मतों का कम से कम 3 दशमलव 25 प्रतिशत हासिल करना होता है। इसके बाद पात्र दलों को उनके मत प्रतिशत के आधार पर सीटें आवंटित की जाती हैं।
 
परिणामों की घोषणा के बाद इस्राएल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग, निर्वाचित दलों के नेताओं से परामर्श करेंगे। इसके बाद वे तय करेंगे कि किस सांसद के पास सरकार बनाने की सबसे अधिक संभावना है। नामित उम्मीदवार को सरकार बनाने के लिए गठबंधन तैयार करने के वास्ते पहले 28 दिन का समय मिलेगा। इस अवधि को 14 दिन और बढ़ाया जा सकता है। चुनाव के नतीजों से तय होगा कि नेतन्याहू एक बार फिर सरकार बना पाते हैं या विपक्षी दल किसी वैकल्पिक सरकार के गठन के लिए एकजुट हो पाते हैं।