उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज बेंगलुरु के ज्ञान ज्योति सभागार में नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती के समारोह का उद्घाटन किया। समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि केम्पेगौड़ा के दूरदर्शी नेतृत्व से पांच शताब्दियों बाद भी समाज लाभान्वित हो रहा है। उन्होंने कहा कि केम्पेगौड़ा द्वारा निर्मित झीलें आज भी पेयजल के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। उपराष्ट्रपति ने समावेशी विकास, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति केम्पेगौडा की प्रतिबद्धता की सराहना की।
श्री राधाकृष्णन ने बेंगलुरु में जल संकट के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी राज्यों के किसानों के बीच जल के समान वितरण का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने कर्नाटक-तमिलनाडु जल विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान की आशा भी व्यक्त की और दीर्घकालिक समाधान के रूप में नदियों को जोड़ने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि केम्पेगौड़ा ने अपनी दूरदर्शिता से बेंगलुरु को एक प्रमुख शहर में परिवर्तित किया और जल संरक्षण और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी।
समारोह में उपस्थित केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि केम्पेगौड़ा की दूरदृष्टि के कारण बेंगलुरु को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने नागरिकों से शहर की झीलों के संरक्षण का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।