उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और तेजी से बदलती तकनीक के इस दौर में स्नातक डिग्री शिक्षा का अंत नहीं बल्कि निरंतर बदलाव के साथ सीखते रहने की शुरुआत है। आज तमिलनाडु के तिरुवरूर में तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।
उपराष्ट्रपति ने वर्ष 2014 के बाद देश में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के अभूतपूर्व विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देशभर में सोलह आई.आई.आई.टी, आठ केंद्रीय विश्वविद्यालय, आठ आई.आई.एम. और बारह नए एम्स अस्पताल स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज से गरीबी और अज्ञानता को दूर करने का सबसे प्रभावी साधन है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अब शिक्षा का आकलन स्वतंत्र रूप से सोचने और टीम के साथ काम करने की क्षमता के आधार पर किया जाता है।