उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने जीएसएलवी-एफ-18 मिशन के सफल प्रक्षेपण पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो की पूरी टीम को बधाई दी है। इस मिशन के तहत नौवहन उपग्रह एनवीएस-03 को उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित किया गया।
सोशल मीडिया संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस सफलता से भारत की स्वदेशी नौवहन प्रणाली ‘नाविक’ और मजबूत होगी। इससे देश की उपग्रह आधारित दिशा बताने की क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह सफल मिशन अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता और आधुनिक तकनीकों में आत्मनिर्भर बनने के संकल्प को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एनवीएस-03 उपग्रह को लेकर गए जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के वैज्ञानिकों, अभियंताओं समेत पूरी टीम को बधाई दी है। श्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह मिशन भारत की स्वदेशी उपग्रह नेविगेशन प्रणाली ‘नाविक’ को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि बेहतर क्षमताओं से लैस एनवीएस-03 उपग्रह देश की नेविगेशन व्यवस्था को और मजबूत करेगा। इससे महत्वपूर्ण और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के भारत के संकल्प को भी बल मिलेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली नाविक को और मजबूत करेगी। इससे रणनीतिक और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में देश की क्षमताएँ भी बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता से प्रेरित आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को दर्शाती है। रक्षा मंत्री ने कहा कि मिशन की सफलता देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के समर्पण, प्रतिभा और प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है।