अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कल न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की 81वीं बैठक में अपने प्रशासन की ओर से ईरान के विरुद्ध की गई सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने सभी देशों से ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने का आग्रह किया और कहा कि ईरान के सामने दो विकल्प हैं, या तो वह कोई समझौता करे या फिर आगे अमरीका की और अधिक सैन्य कार्रवाई का सामना करे।
ट्रम्प ने कहा कि अमरीका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया है और उसकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर किया है। उन्होंने दोहराया कि अमरीका, ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने ईरान को पूरी तरह से आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की भी मांग की, जब तक कि वह वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और उन गतिविधियों को समर्थन देना बंद न कर दे जिसे उन्होंने आतंकवाद कहा है।
ट्रम्प ने पश्चिमी गोलार्ध में कई घटनाओं का उल्लेख किया जिसमें वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान भी शामिल है जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी हुई। उन्होंने कहा कि अमरीका अब वेनेजुएला के नेताओं के साथ मिलकर वेनेजुएला के लोगों के लिए बहुत बेहतर भविष्य की दिशा में काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच बड़े तेल समझौते की घोषणा की है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने क्यूबा के साथ चल रही बातचीत का भी उल्लेख किया और कहा कि उनका प्रशासन वहां की स्थिति में बुनियादी बदलाव चाहता है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने ग्रीनलैंड के साथ नए समझौते की भी सराहना की और आर्कटिक क्षेत्र को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया। ट्रम्प ने आगे कहा कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ इस व्यवस्था से अमरीका को उस क्षेत्र में सुरक्षा और अन्य सभी जरूरतों पर स्थायी नियंत्रण मिलेगा और यह आर्कटिक तथा उत्तरी अटलांटिक क्षेत्रों में नाटो की सुरक्षा स्थिति का समर्थन करेगा। उनके भाषण का एक बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी केंद्रित था। उन्होंने कहा कि अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास को बढ़ावा देगा।