अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रूस पर लगाए जाने वाले कई प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए टाल दिया है। यह फैसला प्रतिबंध लागू होने से सिर्फ दो दिन पहले लिया गया। अमरीकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि इस दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंधों के प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह फैसला अमरीका के राष्ट्रीय हित में लिया गया है। इस फैसले की अमरीकी सांसदों ने आलोचना की है, क्योंकि इन प्रतिबंधों को कांग्रेस की मंजूरी मिल चुकी थी।
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इस फैसले पर निराशा जताई है। अमरीका और यूक्रेन के बीच सैन्य सहायता और रूस से डीजल आयात को लेकर भी मतभेद बढ़ रहे हैं। इन प्रतिबंधों के तहत, रूस से तेल और गैस खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर अमरीका 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैक्स लगा सकता था।
इसके अलावा, रूसी अधिकारियों, बैंकों और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले जहाज़ों पर भी कार्रवाई का प्रावधान था। उधर, रूस के राष्ट्रपति के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि प्रतिबंधों से अमरीका और वैश्विक बाज़ारों को नुकसान हो सकता था। उन्होंने कहा कि अमरीका और रूस के बीच व्यापार बढ़ने से दोनों देशों को फायदा हो सकता है।