अक्टूबर 9, 2026 2:21 अपराह्न

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विदेश मंत्रालय ने कहा, अमरीका के PERM आवेदनों पर प्रतिबंध से मौजूदा H-1B वीजा की वैधता प्रभावित नहीं होगी

अमरीकी श्रम विभाग द्वारा कुछ कंपनियों के स्थायी श्रम प्रमाणन-पी.ई.आर.एम. कार्यक्रम पर लगाई गई रोक, एच-1बी वीजा कार्यक्रम से पूरी तरह अलग है
 
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पी.ई.आर.एम. आवेदनों पर रोक लगाने से मौजूदा एच-1बी वीजा की वैधता या एच-1बी वीजा धारकों और उनके आश्रितों की स्थिति पर अपने आप कोई असर नहीं पड़ता है। हालांकि, इससे प्रभावित कंपनियों के पात्र कर्मचारियों को ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया पर कुछ असर पड़ सकता है।
 
इस मामले में अमरीका के उपराष्ट्रपति की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी अनुचित हैं और इस तथ्य की अनदेखी करती हैं कि अमरीका में भारतीय पेशेवर अत्यधिक शिक्षित और कुशल हैं। वे अमरीकी अर्थव्यवस्था और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
 
मंत्रालय ने कहा कि प्रतिभाओं की आवाजाही से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होता है। इससे एक तरफ भारतीयों के लिए अवसर पैदा होते हैं, तो दूसरी तरफ अमरीकी कंपनियों को भी कुशल प्रतिभाओं का लाभ मिलता है। इससे नवाचार, अनुसंधान, उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलता है। साथ ही, अमरीका में शेयरधारकों की संपत्ति बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
 
विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमरीका द्वारा घोषित ये कदम दोनों देशों की साझा आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में मददगार नहीं हैं।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे से जुड़े घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखेगा। 
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