अगस्त 25, 2026 2:51 अपराह्न

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने यूपीआई को भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा में महत्वपूर्ण क्षण बताया

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में बदलाव लाते हुए 10 वर्ष पूरे कर लिये हैं। आज ही के दिन 2016 में इसकी शुरूआत की गई थी। यूपीआई की अभूतपूर्व क्षमता और विश्वसनीयता को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है। अब यह प्रणाली 11 देशों में संचालित हो रही है।

यह भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के सबसे सफल स्तंभों में से एक बनकर उभरा है। यूपीआई ने एक-दूसरे से जुड़े और रियल टाइम भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई है।

यूपीआई के लेन-देन की संख्या में लगभग 13 हजार गुना वृद्धि हुई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2016-17 में यूपीआई के माध्यम से केवल एक करोड़ 78 लाख लेन-देन हुए थे, जो 2025-26 में बढ़कर 24 हजार 162 करोड़ से अधिक हो गए। इसी अवधि में लेन-देन का मूल्य भी सात हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 314 लाख करोड़ रुपये हो गया।

हमारे संवाददाता ने बताया है कि यूपीआई ने डिजिटल अंतर को कम करने, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और डिजिटल वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे देशभर में लोगों और समुदायों सशक्त बने हैं और व्यापक आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा मिला है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपीआई के 10 साल पूरे होने पर कहा कि राष्ट्र की इस डिजिटल क्रांति पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपीआई सिस्टम का शुरू होना भारत के डिजिटल पेमेंट इतिहास का सबसे बड़ा निर्णायक क्षण रहा है।

श्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि एक दशक पहले यूपीआई की शुरुआत हुई थी और यह भारत की डिजिटल पेमेंट यात्रा में अब तक का सबसे निर्णायक फैसला साबित हुआ है। यूपीआई के व्यापक पैमाने और पहुंच पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। उन्होंने देशवासियों से कहा कि वे यूपीआई के साथ अपने अनुभव साझा करने को कहा।