केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 2036 ओलंपिक के लिए भारत के एथलीट पूल को तैयार करने के लिए एक त्वरित और व्यापक प्रतिभा पहचान रोडमैप का आह्वान किया है। यह आह्वान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान की घोषणा के बाद आया है। भारतीय खेल प्राधिकरण – एसएआई की 63वीं शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मांडविया ने इस बात पर जोर दिया कि अगले दशक में भारत की खेल संबंधी महत्वाकांक्षाओं की नींव अभी से रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिभा पहचान अभियान में स्कूलों, जिलों और कॉलेजों सहित संपूर्ण खेल व्यवस्था को शामिल किया जाना चाहिए।
मंत्री ने रेखांकित किया कि लक्ष्य एक व्यापक प्रतिभा भंडार का निर्माण करना होना चाहिए, जो बाद में खेल विद्यालयों और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रणालियों को प्रतिभा प्रदान कर सके। डॉ. मांडविया ने प्रशिक्षण व्यवस्था का विस्तार करने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि राज्य और जिला स्तरीय प्रतिभा खोज अभियानों के माध्यम से पहचाने गए एथलीटों को विशेष प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त अकादमियों में भेजा जा सके। उन्होंने खेल विकास को बढ़ावा देने में कॉरपोरेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि ऐसी साझेदारियां सरकारी सुविधाओं से परे देश की प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाने में सहायक होंगी, जिससे खिलाड़ियों के लिए अकादमियों का एक व्यापक नेटवर्क तैयार होगा।
शासी निकाय ने राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड की स्थापना को मंजूरी दी, जो कोच प्रत्यायन और विकास के लिए एक अधिक संरचित ढांचा प्रदान करेगा। मंत्रालय के अनुसार निकाय ने भारतीय खेल प्राधिकरण – साई में प्रतिनियुक्ति के आधार पर सहायक कोच के पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती नियमों में प्रस्तावित संशोधन को भी मंजूरी दी।