विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि पिछले दशक में भारत में नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में पर्याप्त तरक्की हुई है। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के 85वें स्थापना दिवस समारोह श्री सिंह ने कहा कि देश ने पिछले पांच-छह दशकों की अवधि में पिछले दस वर्षों में अधिक नवाचार, अनुसंधान गतिविधियों और नई प्रयोगशालाओं की स्थापना देखी है।
उन्होंने कहा कि परिषद की सफलता की कहानियां अब पहले से कहीं अधिक दिखाई दे रही हैं। उन्होंने विकास के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता पर भी बल दिया और कहा कि भारत की समग्र संप्रभुता की रक्षा के लिए तकनीकी संप्रभुता बनाए रखना ज़रूरी है। डॉ. सिंह ने कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अंतर्गत परिषद को भविष्य की तकनीकी ज़रूरतों को पूरा करने की दिशा में काम करना चाहिए।
इस कार्यक्रम के दौरान, श्री सिंह ने परिषद के नए मैस्कॉट सी.आर.आई.ए. का अनावरण किया, जो संगठन के अनुसंधान और नवाचार का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने परिषद की पत्रिका ‘विज्ञान क्षितिज’ भी लॉन्च की, जो अब पांच भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी।