अक्टूबर 14, 2026 2:16 अपराह्न

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भारत का सार्वजनिक ऋण-जीडीपी अनुपात पांच वर्षों में 61% से घटकर 55% हुआ

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि लागत संबंधी पहलुओं के साथ-साथ वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में विश्वास और साइबर सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है।

आज नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में श्री वैष्णव ने कहा कि भारत का लक्ष्य सेमीकंडक्टर डिजाइन, निर्माण और तैयार उत्पादों के परीक्षण में विश्वसनीय भागीदार के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सतत विनिर्माण के लिए संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना आवश्यक है।

मोबाइल फोन उद्योग का उदाहरण देते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि भारत ने शुरुआत में असेंबली पर ध्यान केंद्रित किया और फिर मॉड्यूल और कंपोनेंट निर्माण में विस्तार किया। उन्होंने कहा कि देश अब घरेलू मांग को पूरा करने के लिए कंपोनेंट का निर्माण कर रहा है और उनका निर्यात भी शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अपने सेमीकंडक्टर, रेलवे और रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के लिए इसी तरह का दृष्टिकोण अपना रहा है।

श्री वैष्णव ने कहा कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। पिछले पांच वर्षों में भारत का सार्वजनिक ऋण से सकल घरेलू उत्‍पाद अनुपात 61 प्रतिशत से घटकर 55 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य वित्तीय, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में मजबूती लाना है। श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रही है जिससे वैश्विक अनिचितता के माहौल में भी निरंतर विकास सुनिश्चित किया जा सके।