अक्टूबर 2, 2026 10:11 अपराह्न

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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान से मानवाधिकार वकीलों की तुरंत रिहाई की मांग की

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान से मानवाधिकार वकीलों इमान मजारी-हाजिर और हादी अली चत्था को तुरंत रिहा करने और उन पर निराधार आपराधिक तथा आतंकवाद से संबंधित आरोपों को वापस लेने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिलने के कुछ घंटों बाद ही 17 सितंबर को दोनों वकीलों को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। ये आरोप मार्च 2025 में विरोध प्रदर्शन में उनकी भागीदारी से संबंधित पुराने मामले से जुड़े हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि जमानत पर रिहाई के बाद पुराने मामले का इस्तेमाल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की वकालत को प्रतिबंधित करने के लिए आपराधिक न्याय प्रणाली के दुरुपयोग पर चिंता पैदा करता है।

उनकी दोबारा गिरफ्तारी के बाद इस्लामाबाद की आतंकवाद रोधी अदालत ने दंपति को 30 दिन तक हिरासत में रखने के पुलिस के अनुरोध को खारिज कर दिया। इसके बजाय उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। विशेषज्ञों ने वैध मानवाधिकार पक्षधरता को प्रतिबंधित करने के लिए व्यापक और अस्पष्ट आतंकवाद रोधी प्रावधानों के उपयोग की भी आलोचना की।

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने पाकिस्तान से वकीलों के वैध पेशेवर कार्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रयोग से संबंधित आरोपों को वापस लेने का आग्रह किया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि दंपति को अपनी पसंद के वकीलों, परिवार के सदस्यों और आवश्यक चिकित्सा देखभाल प्रदान किया जाए।