यूक्रेन ने रूस के साथ संभावित युद्धविराम के लिए भारत के प्रस्ताव को अब तक मिले प्राप्त चार प्रस्तावों में सबसे व्यापक बताया है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि उनका देश ऊर्जा अवसंरचना और काला सागर को शामिल करने वाले युद्धविराम पर विचार करने के लिए तैयार है। रूस-यूक्रेन युद्ध, अब अपने पाँचवें वर्ष में है। इस युद्ध में हजारों नागरिक मारे गए हैं, लाखों विस्थापित हुए हैं और घरों और महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं का व्यापक विनाश हुआ है।
ये टिप्पणियाँ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बयान के एक दिन बाद आईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार यूक्रेन संघर्ष के पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान खोजने के लिए बहुत अच्छे हैं। श्री सिबिहा ने कहा कि संभावित युद्धविराम के प्रस्ताव भारत, तुर्किए, मिस्र और संयुक्त राज्य अमरीका से आए हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्धविराम के विभिन्न स्वरूपों पर विचार करने के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी समझौते में न केवल युद्ध अभियानों को बल्कि ऊर्जा और बंदरगाह अवसंरचना पर हमलों और काला सागर की स्थिति को भी शामिल किया जाना चाहिए।