विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) और लुइस बिजनेस स्कूल द्वारा जारी वर्ल्ड इंटैंजीबल इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट 2026 में भारत के वैश्विक नवाचार शक्ति के रूप में उभरने की पुष्टि की गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह रिपोर्ट सॉफ्टवेयर, अनुसंधान और विकास, बौद्धिक संपदा, नवाचार और संगठनात्मक क्षमताओं जैसे क्षेत्रों में भारत के बढ़ते निवेश को रेखांकित करती है, जो भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार दे रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने विश्व की 15 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अमूर्त निवेश में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2023 में यह निवेश 7.9 प्रतिशत बढ़कर 78 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया।
श्री गोयल ने कहा कि युवा इनोवेटर, उद्यमियों और रचनाकारों की ऊर्जा तथा आकांक्षाओं से प्रेरित भारत, विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में एक वैश्विक केंद्र बना हुआ है और विचारों, नवाचार तथा उद्यम से संचालित ज्ञान-आधारित भविष्य का निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत निरंतर सुधारों, डिजिटल परिवर्तन और स्टार्टअप्स को समर्थन के माध्यम से अपने नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को लगातार मजबूत कर रहा है।