नवम्बर 5, 2026 9:27 पूर्वाह्न

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना में एक बड़ा बदलाव करते हुए एक संशोधित ढांचा स्वीकृत किया

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना में एक बड़ा बदलाव करते हुए एक संशोधित ढांचा स्वीकृत किया है। इसके अतर्गत सभी इच्छुक अग्निवीरों को रक्षा बलों में शत प्रतिशत भर्ती करने का मार्ग प्रशस्त होगा। मंत्रिमंडल बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि यह कदम सशस्त्र बलों द्वारा किए गए एक व्यापक मूल्यांकन के बाद उठाया गया है।

मूल्‍यांकन में अग्निवीरों की प्रभावकारिता, शारीरिक फिटनेस और तकनीकी अनुकूलन क्षमता पर अत्यधिक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। यह निर्णय 18 हजार 300 अग्निवीरों के पहले बैच के अगले महीने अपना प्रारंभिक चार वर्षीय कार्यकाल पूरा करने से ठीक पहले आया है।

मूल योजना के अनुसार शीर्ष 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर उनके प्रारंभिक चार वर्षीय कार्यकाल के तुरंत बाद नियमित स्थायी रोजगार की पेशकश की जाएगी। शेष 75 प्रतिशत  अग्निवीरों को अब उम्मीदवारों की इच्छा और बलों की सिफारिशों के अधीन दो साल की अतिरिक्त नियुक्ति अवधि दी जाएगी।

दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि पूरी होने पर  कुल सेवा अवधि 6 साल हो जाएगी। शेष सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के रूप में स्थायी भर्ती का प्रस्ताव दिया जाएगा, बशर्ते वे मानक चयन मानदंडों को पूरा करते हों।

नई जोड़ी गई दो साल की सेवा अवधि में मासिक वेतन में वृद्धि, बेहतर सेवा निधि पैकेज और संचयी वरिष्ठता लाभ शामिल होंगे। संरचनात्मक सुधारों से अनिवार्य 75 प्रतिशत सेवा समाप्ति का प्रावधान प्रभावी रूप से समाप्त हो गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि स्थायी रूप से सेवा करने के इच्छुक और निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले किसी भी अग्निवीर को ऐसा करने का सीधा मार्ग मिलेगा।