बुद्ध पूर्णिमा 2026 के अवसर पर भगवान बुद्ध के प्रमुख शिष्यों अर्हत सारिपुत्र और अर्हत महामौद्गल्यायन के पवित्र अवशेषों को मंगोलिया की राजधानी उलानबटार स्थित गांदांतेगचेनलिंग मठ में विधिवत स्थापित किया गया। संस्कृति मंत्रालय ने बताया कि इन अवशेषों को भारत से दस दिन की प्रदर्शनी के लिए मंगोलिया ले जाया गया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मंगोलिया में भारत के राजदूत अतुल मल्हारी गोत्सुर्वे की उपस्थिति में किया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले वर्ष अक्टूबर में मंगोलिया के राष्ट्रपति उखनागीन खुरेलसुख की भारत यात्रा के दौरान इस प्रदर्शनी की घोषणा की थी। मंत्रालय ने कहा कि यह पहल भगवान बुद्ध की शिक्षाओं पर आधारित भारत और मंगोलिया के बीच गहरे आध्यात्मिक और सभ्यतागत संबंधों को दर्शाती है। इस अवसर पर एक विशेष प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया।