प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश के सभी संस्थानों और राजनीतिक दलों को राष्ट्रहित में एकजुट होकर देश के दुश्मनों के खिलाफ मिलकर लड़ना चाहिए।
राष्ट्रीय राजधानी में विजयादशमी समारोह में शामिल होते हुए श्री मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में एक साथ आने और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से ‘नेशन फर्स्ट’ यानी ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संकल्प अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर ‘मां भारती’ के शत्रुओं की पहचान करनी चाहिए और उन्हें परास्त करना चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि आज भी ‘रामराज्य’ को सुशासन का आदर्श माना जाता है, जहां किसी के साथ भेदभाव नहीं होता, सभी को न्याय मिलता है और हर व्यक्ति को समान अवसर उपलब्ध होते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्ता का उद्देश्य शासन करना नहीं, बल्कि जनकल्याण सुनिश्चित करना है। यही भगवान राम का आदर्श है। श्री मोदी ने कहा कि दशहरे की भावना हमेशा से भारत के दर्शन और विचारधारा के केंद्र में रही है। अपनी सरकार के लक्ष्य को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाना सरकार का उद्देश्य है। इसके लिए हमें अपने संसाधनों और क्षमताओं पर विश्वास रखना होगा।