मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सरकार ने सदन में समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 पेश किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधेयक पर कल चर्चा होगी।
इससे पहले कल मंत्रिमंडल की बैठक में विधेयक के प्रारूप को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। विधेयक के प्रमुख प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में एक से अधिक विवाह की अनुमति नहीं होगी। तलाक की प्रक्रिया कानून के अनुसार होगी। महिला और पुरुष को समान उत्तराधिकार का अधिकार मिलेगा।
लिव-इन रिलेशनशिप में एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही विवाह का पंजीकरण ग्रामीण स्तर तक अनिवार्य किया जाएगा। आदिवासी समुदाय को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।