हैदराबाद में आज दक्षिण क्षेत्र क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन 2026 का सफल समापन हुआ। सम्मेलन के बाद संवाददातओं को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के किसानों को सहयोग देने के लिए कई कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि अल नीनो के कारण कम वर्षा से प्रभावित 100 से अधिक दक्षिणी जिलों के लिए आपातकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन जिलों में विशेष बीज बैंक भी स्थापित किए जाएंगे। इन उपायों में कम पानी की आवश्यकता वाली वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देना शामिल है। इसका उद्देश्य सूखे से संबंधित जोखिमों को कम करना है। कृषि मंत्री ने मृदा स्वास्थ्य की रक्षा और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और प्राकृतिक खेती को अपनाने का भी आह्वान किया। वहीं, श्री चौहान ने कहा कि नकली और खराब किस्म के बीजों के उपयोग को रोकने के लिए सरकार मौजूदा कानूनों में संशोधन करने तथा सख्त बीज अधिनियम लागू करने की योजना बना रही है।
कृषि मंत्री ने घोषणा की कि रबी सम्मेलन 28 और 29 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ‘प्रयोगशाला से भूमि तक’ पहल को गति देगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकियों को सीधे किसानों तक पहुंचाना है।
कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश के कृषि मंत्री भी सम्मेलन में उपस्थित थे।