दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दी गई है। दस वर्षों की इस नीति का उद्देश्य राजधानी में स्वच्छ, आधुनिक और तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। मुख्यमंत्री उद्यमश्री योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
नीति के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर, स्वास्थ्य सेवाओं, अनुसंधान और आधुनिक विनिर्माण समेत दस प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही महिला उद्यमियों, महिला कर्मचारियों और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों के आधुनिकीकरण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूंजीगत निवेश, कार्यालय या कार्यस्थल के किराये, नई नियुक्तियों, अनुसंधान, प्रमाणन, तकनीकी आधुनिकीकरण, ऊर्जा की बचत और कौशल विकास के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन दिए जाएंगे। साथ ही, संसाधनों का दोबारा इस्तेमाल करने और कचरा कम करने को भी बढ़ावा दिया जाएगा। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि नई नीति से निवेश बढ़ाने, उद्योगों को आधुनिक बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। निवेशकों को सहायता देने और मंजूरियों की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए दिल्ली उद्योग मित्र पोर्टल के माध्यम से एकल संपर्क केंद्र को भी विकसित किया जाएगा।