दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज रविवार को होने वाली नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा के पहले टेलीग्राम को आंशिक रूप से प्रतिबंधित करने संबंधी सरकार के निर्णय को सही ठहराया है। न्यायालय ने कहा कि यह निर्णय अनुचित नहीं है क्योंकि यह मेसेजिंग एप्लिकेशन विशाल सामग्री के स्वचालित प्रसार में सुविधा पहुंचा सकता है।
आपातकालीन प्रकृति और केंद्र द्वारा की गई कार्रवाई के लिए बताए गए कारणों का हवाला देते हुए न्यायालय ने कहा कि वे पर्याप्त थे और कानून के तहत बताई गई प्रक्रिया का ठीक से पालन किया गया है।