रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आज के दौर में राष्ट्रीय सुरक्षा की परिभाषा बदल गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सशस्त्र बलों की ताकत से तय नहीं होती, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
श्री सिंह ने आज नई दिल्ली में सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के चैंपियंस अवॉर्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आधुनिक सैन्य उपकरणों के एक विश्वसनीय निर्यातक के रूप में उभर रहा है। वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38 हजार 424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
रक्षामंत्री ने बताया कि इस उपलब्धि में रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों का योगदान 54 दशमलव 84 प्रतिशत, जबकि निजी क्षेत्र का योगदान 45 दशमलव 16 प्रतिशत रहा।