लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और नैतिक मार्गदर्शक है। एक स्वस्थ लोकतंत्र में सहमति और असहमति दोनों का समान महत्व है। असहमति का सम्मान करने से नए विचार सामने आते हैं और बेहतर शासन व्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। वे हरियाणा विधान सभा द्वारा आज हरियाणा की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने और संविधान पखवाड़े की शुरुआत के अवसर पर पंचकूला में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
श्री बिरला ने कहा कि हरियाणा की 60 वर्षों की विकास यात्रा भारत के लोकतंत्र की मजबूती और शक्ति का गौरवशाली उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों की सराहना की और कहा कि उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा का देश की प्रगति में हर क्षेत्र में योगदान सराहनीय है। प्रदेश के युवा सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा कर रहे हैं, तो हरियाणा के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं।