ओमान के होर्मुज जलडमरूमध्य के पास, पनामा ध्वज वाले तेल टैंकर ‘अल गाईया’ पर हुए हमले को लेकर अमरीका और ईरान एक-दूसरे के बयानों पर विवाद कर रहे हैं। ईरानी मीडिया द्वारा जारी एक बयान में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) का कहना है कि जलडमरूमध्य के दक्षिण में स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने की कोशिश करते समय टैंकर नौसैनिक खदान से टकरा गया। आई.आर.जी.सी. का कहना है कि जहाज में आग लग गई और वह पूरी तरह जल गया। उसने यह भी कहा कि इस मार्ग का उपयोग करने के खतरों के बारे में पहले ही चेतावनी जारी की गई थी।
हालांकि, अमरीकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने इस बयान को खारिज कर दिया है। सेंटकॉम का कहना है कि पिछले महीने टैंकर पर पहले ईरानी मिसाइल से हमला किया गया था, जिससे वह निष्क्रिय हो गया था और ओमान के तट पर खड़े जहाज पर ईरानी ड्रोन से दोबारा हमला किया गया। भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा था कि जहाज के चालक दल में 14 भारतीय सवार थे, जिनमें से एक नाविक लापता है।