सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने नामची जिले के समरदुंग में राष्ट्रीय जल विद्युत निगम (एन.एच.पी.सी) की घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने आज राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के साथ घटनास्थल पहुंच कर फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना भूस्खलन के कारण नहीं बल्कि मीथेन गैस के विस्फोट के कारण हुई होगी। घटनास्थल से अब तक 12 शव निकाले जा चुके हैं और 13 अन्य लोग अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।
नामची जिले के समरदुंग में एनएचपीसी तीस्ता छठा चरण जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है। राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक ने नामची में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खोज अभियान की समीक्षा बैठक की। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को शवों को उनके परिजनों को सौंपने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम के मुख्यमंत्री से बात करके हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। श्री तमांग ने प्रधानमंत्री को स्थिति से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों से अवगत कराया। दोनों नेताओं ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया।