जुलाई 10, 2026 2:25 अपराह्न

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सुरक्षित सीमा, समृद्ध सीमावर्ती क्षेत्र और जागरूक समाज मिलकर देश को सुरक्षित बनाते हैं: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सुरक्षित सीमा, समृद्ध सीमावर्ती क्षेत्र और जागरूक समाज मिलकर देश को सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवंत ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत पलायन रोकने, रोजगार सृजित करने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का शत प्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देश को पूरी तरह से घुसपैठ मुक्त बनाने के लिए एक मजबूत व्यवस्था का निर्माण कर रही है। श्री शाह कल नई दिल्ली में सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वैज्ञानिक रूप से सीमावर्ती बुनियादी ढांचे में चार सौ प्रतिशत की वृद्धि की है। श्री शाह ने कहा कि सरकार 1600 किलोमीटर से अधिक लंबी भारत-म्यांमार सीमा पर 31 हजार करोड़ रुपये की लागत से बाड़ लगा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में असामान्य कारकों की वजह से होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों की जानकारी जमीनी स्तर से लेकर उच्च स्तर तक जल्द से जल्द पहुंचाई जानी चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों को सुरक्षित और रहने योग्य बनाते हुए, परोक्ष युद्ध, अवैध घुसपैठ, कट्टरपंथ, मादक पदार्थों की तस्करी, ड्रोन से संबंधित खतरों और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों जैसी अन्य सुरक्षा चुनौतियों को रोकना है।

इस सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों सहित सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। सम्‍मेलन में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति का आकलन करके प्रवर्तन में सुधार के उपायों की पहचान कर देश के सीमा सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना था। यह सम्मेलन केंद्र सरकार के कुछ महीने पहले लिए गए उस निर्णय की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया था जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों की सीमा का अध्ययन करने और उनके लिए जिम्मेदार कारकों की पहचान करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया था।