अक्टूबर 24, 2026 6:28 अपराह्न

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विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण विश्लेषण प्रयोगशाला-अटल का उद्घाटन किया

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज नई दिल्ली स्थित सूचना प्रौद्योगिकी और प्रबंधन संस्थान-आई.आई.टी.एम में उन्नत वायुमंडलीय रसायन विज्ञान और एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशाला-अटल का उद्घाटन किया। यह नई प्रयोगशाला दिल्ली-एनसीआर के लिए विश्व की अपनी तरह की पहली ‘वायु प्रदूषण विश्लेषण’ सुविधा है। डॉ. सिंह ने कहा कि वायु प्रदूषण के बारे में जनता की गंभीर चिंता के मद्देनजर दिल्ली-एनसीआर को चुना गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रयोगशाला महीन कण पदार्थ-पी.एम. 2.5, धातुएं, विषैले तत्व और अन्य घटक सहित वायुमंडलीय गैसों और एरोसोल की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करने के लिए उन्नत उपकरणों से सुसज्जित है। यह वायु में मौजूद धात्विक तत्वों, सूक्ष्म प्लास्टिक या अन्य कैंसरकारी तत्वों की पहचान कर स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट भेज सकती है। डॉ. सिंह ने सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय के महत्व पर बल दिया। उन्‍होंने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा समर्थित समग्र सरकारी दृष्टिकोण का उदाहरण बताया, जो वैज्ञानिक संस्थानों, पर्यावरण अधिकारियों, प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े हितधारकों को एक साथ लाता है।

श्री सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘मिशन मौसम’ की सराहना की। इसका उद्देश्य वायुमंडलीय प्रदूषण की वैज्ञानिक समझ को मजबूत करना और दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए ठोस प्रमाण उपलब्ध कराना है। मिशन मौसम के अंतर्गत स्थापित यह प्रयोगशाला उन्नत वायुमंडलीय मापन उपकरणों, विस्तृत रासायनिक विश्लेषण, प्रदूषण स्रोत की पहचान और निर्णय-सहायता क्षमताओं को एकीकृत ढांचे में समाहित करती है।

इस प्रयोगशाला का उद्घाटन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार, आई.आई.टी.एम के निदेशक डॉ. ए. सूर्यचंद्र राव और मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. महापात्रा की उपस्थिति में किया गया।